कभी खुद दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष किया… आज हर दिन 500+ लोगों का पेट भरते हैं! मिलिए डी. गणेश राव से, जिन्होंने स्कूटर पर खाना पहुँचाकर इस नेक पहल की शुरुआत की। कोविड के दौरान अस्पतालों में मरीजों ...
एक वक्त था, जब पिता को रेलवे स्टेशन पर सोना पड़ता था और पूरा परिवार एक छोटे-से वन रूम किचन में रहता था! अभिनेता ललित प्रभाकर ...
खुद आर्थिक तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए… लेकिन आज महबूब मलिक अपनी कमाई का करीब 80% हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की ...
#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #जिसे दुनिया ने बोझ समझा, आज वही अपनी छोटी बहन की सबसे सुरक्षित जगह है। ...
गुजरात के गोंडल में मुफ़्त टिफिन सेवा चलाने वाले 70 साल के चंदू बापू ने 20 साल पहले अपने बेटे को खोने के बाद एक संकल्प लिया ...
बचपन में देखा एक सपना… जिसे पूरा होने में लग गए कई दशक। आशुतोष राणा का रामलीला से जुड़ाव और उनके पसंदीदा किरदार को निभाने की ...
ऋषिकेश के 21 साल के दीपक के लिए जिंदगी सिर्फ अपने सपने तक पहुँचने की दौड़ नहीं है। माँ कैंसर से लड़ रही हैं, पापा आज भी सब्जी ...
स्कूल में बॉडी शेमिंग झेली, लोगों की हंसी के डर से डांस करना छोड़ दिया… लेकिन सुमुखी सुरेश ने अपनी कहानी का अंत दूसरों को तय नहीं करने दिया। नौकरी के साथ कॉमेडी शुरू करने से लेकर Pushpavalli में लीड र ...
न महंगे कपड़े, न कोई फैशन रैंप… बस एक सपना! भोपाल की गलियों में पुरानी साड़ियों से बने आउटफिट्स पहनकर वॉक करने वाली प्रीति ...
[Shreya Kumawat environmental activist, young environmentalist, children environmental awareness initiative India, young ...
टूटा हाथ, नंगे पैर और कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी—सिर्फ 5 साल का अर्जुन रोज़ लॉलीपॉप बेचता है। सुबह स्कूल, फिर काम… छोटी-सी ...
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की बंजीत और देविंदर ने पिता के हाथ में चोट लगने के बाद ऑटो चलाकर परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली। आज ...